MP में AI से बदली आवाज, महिला टीचर से ₹1 लाख की साइबर ठगी
इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने AI वॉइस क्लोनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर एक महिला टीचर से ₹1 लाख की ठगी कर ली। इस घटना ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे दिया गया ठगी को अंजाम
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने महिला टीचर के भाई की आवाज को AI की मदद से हूबहू क्लोन किया। इसके बाद ठगों ने महिला को फोन कर खुद को उसका भाई बताते हुए आपात स्थिति में पैसे की जरूरत का बहाना बनाया। आवाज बिल्कुल असली लगने के कारण महिला को कोई शक नहीं हुआ। भरोसा होने पर महिला टीचर ने बताए गए बैंक खाते में ₹1 लाख ट्रांसफर कर दिए।
सच्चाई तब आई सामने
कुछ समय बाद जब महिला ने अपने भाई से सीधे संपर्क किया, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। भाई ने बताया कि उसने न तो कोई कॉल किया था और न ही पैसे मांगे थे। इसके बाद पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर क्राइम सेल को जांच सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि AI वॉइस क्लोनिंग के जरिए ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि—पैसों से जुड़ी किसी भी कॉल की सीधे पुष्टि करें केवल आवाज के आधार पर भरोसा न करें संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
यह मामला बताता है कि तकनीक जितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है, उतना ही जरूरी है कि लोग डिजिटल सतर्कता अपनाएं। AI का गलत इस्तेमाल अब नए तरीके से ठगी को अंजाम देने में किया जा रहा है।

