2025 में भारत का iPhone एक्सपोर्ट ₹2 लाख करोड़ के पार, अब बना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
नई दिल्ली।
भारत ने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। साल 2025 में भारत से iPhone का निर्यात पहली बार ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
एक साल में रिकॉर्ड बढ़ोतरी उपलब्ध
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच भारत से $23 बिलियन (करीब ₹2.03 लाख करोड़) मूल्य के iPhone का निर्यात किया गया। यह निर्यात 2024 की तुलना में लगभग 85 प्रतिशत अधिक है, जो भारत में तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को दर्शाता है।
PLI स्कीम से मिली रफ्तार
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस रिकॉर्ड निर्यात के पीछे केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम की अहम भूमिका रही है। इस योजना के तहत भारत में मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा दिया गया, जिससे Apple जैसी वैश्विक कंपनी ने भारत में अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा शिफ्ट किया।चीन पर निर्भरता घटाने की रणनीतिApple की रणनीति अब चीन पर निर्भरता कम कर भारत को एक वैकल्पिक और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में विकसित करने की है। भारत में बने iPhone अब अमेरिका, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जा रहे हैं।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को फायदा
iPhone उत्पादन और निर्यात बढ़ने से—हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेभारत की विदेशी मुद्रा आय में इजाफा हुआदेश की ग्लोबल सप्लाई चेन में भूमिका मजबूत हुईआगे और बढ़ सकता है निर्यातउद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत से iPhone का निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है। सरकार की नीतियों और कंपनियों के निवेश से भारत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

