मोटे और पतले युवाओं में बढ़ रहा तनाव व एंग्जायटी, स्टडी में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली।
युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि अधिक मोटे (ओवरवेट) और अत्यधिक पतले युवाओं में तनाव और एंग्जायटी का खतरा सामान्य से कहीं अधिक है। इसकी सबसे बड़ी वजह बॉडी इमेज को लेकर असंतोष बताई जा रही है।
क्या कहती है स्टडी
एस-आई-एम-आर (SIMR) द्वारा की गई स्टडी के अनुसार, आज के युवा अपने शरीर के आकार और वजन को लेकर लगातार मानसिक दबाव में रहते हैं। इस स्थिति को विशेषज्ञ ‘Body Image Distress’ कहते हैं।स्टडी में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए—49% मोटे युवाओं ने माना कि वे अपने वजन को लेकर हमेशा तनाव में रहते हैंवहीं 47% पतले युवाओं ने भी अपने शरीर को लेकर लगातार एंग्जायटी महसूस करने की बात कही
सोशल मीडिया बना बड़ी वजह
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर दिखने वाली “परफेक्ट बॉडी” की तस्वीरें और तुलना की प्रवृत्ति युवाओं में आत्मविश्वास को कमजोर कर रही है। इससे कई युवा खुद को दूसरों से कमतर समझने लगते हैं, जो आगे चलकर डिप्रेशन, एंग्जायटी और स्ट्रेस का कारण बन सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि—शरीर का आकार व्यक्ति के स्वास्थ्य का अकेला पैमाना नहीं होताजरूरत से ज्यादा तुलना मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैयुवाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच अपनानी चाहिएमानसिक परेशानी बढ़ने पर काउंसलर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी
स्टडी यह संकेत देती है कि सिर्फ शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि मेंटल फिटनेस पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। समाज और परिवार की भूमिका भी अहम है ताकि युवा खुद को स्वीकार कर सकें।

