मकर संक्रांति 2026: 14 या 15 जनवरी? जानिए पंचांग के अनुसार सही तारीख और पुण्य काल

नई दिल्ली। मकर संक्रांति को लेकर हर साल लोगों के मन में तारीख को लेकर भ्रम रहता है। साल 2026 में भी यही सवाल उठ रहा है कि मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी या 15 जनवरी को? अब पंचांग और ज्योतिषाचार्यों ने इस पर स्थिति साफ कर दी है।

काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में सूर्यदेव 14 जनवरी की रात 9 बजकर 41 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को ही मकर संक्रांति कहा जाता है।

कब होगा मकर संक्रांति का पुण्य काल?
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, सूर्य का गोचर भले ही 14 जनवरी की रात को हो, लेकिन मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी 2026 को सूर्योदय के बाद माना जाएगा।
इसी कारण धार्मिक दृष्टि से दान, स्नान और पूजा-पाठ 15 जनवरी को ही करना शुभ रहेगा।

धर्मशास्त्रीय ग्रंथ निर्णय सिंधु में भी इस बार मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को ही बताया गया है।

क्यों होती है तारीख को लेकर उलझन?
मकर संक्रांति का निर्धारण सूर्य के गोचर पर होता है
यदि सूर्य रात में मकर राशि में प्रवेश करे, तो पर्व अगले दिन मनाया जाता है इसी कारण 2026 में पर्व की मुख्य मान्यता 15 जनवरी की रहेगी

निष्कर्ष
हालांकि कैलेंडर में 14 जनवरी की तारीख दिखाई देती है, लेकिन धार्मिक और पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति 2026 में 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी।