एक्सपर्ट की चेतावनी: बच्चों पर भारी पड़ रही शॉर्ट वीडियो की लत
नई दिल्ली।
मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का बढ़ता चलन अब बच्चों के मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य पर असर डालने लगा है। यूट्यूब शॉर्ट्स, इंस्टाग्राम रील्स और अन्य शॉर्ट वीडियो लगातार देखने से बच्चों की पढ़ाई, फोकस और दिनचर्या प्रभावित हो रही है। यह खुलासा चाइल्ड साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स ने किया है।
एक्सपर्ट की चेतावनी
चाइल्ड साइकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सुरभि के अनुसार, जो बच्चे हर समय शॉर्ट वीडियो देखते रहते हैं, उनका ध्यान पढ़ाई से भटकने लगता है। इसके साथ ही उनके व्यवहार और नींद के पैटर्न में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
जिद और चिड़चिड़ापन बढ़ने की समस्या
विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट वीडियो की लत से बच्चों में—
जिद करने की आदत बढ़ रही है बिना मोबाइल के खाना न खाने की समस्या किसी अन्य गतिविधि में रुचि न लेना
जल्दी चिड़चिड़ा और आक्रामक व्यवहार जैसी परेशानियां सामने आ रही हैं।
मानसिक विकास पर असर
लगातार तेजी से बदलने वाले वीडियो बच्चों के दिमाग को तुरंत मनोरंजन का आदी बना देते हैं, जिससे उनका धैर्य कम होता है और लंबे समय तक किसी काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। यह स्थिति बच्चों के मानसिक विकास के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
माता-पिता के लिए सलाह
विशेषज्ञों ने माता-पिता को सलाह दी है कि—बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखें पढ़ाई और खेल के लिए समय तय करें
मोबाइल को पुरस्कार की तरह इस्तेमाल न करें बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें अन्य गतिविधियों की ओर प्रेरित करें

